50 years of Manipuri Cinema

Manipuri Cinema recently completed its impressive journey of 50 years on 9th April 2022.


It was on the same day in April 1972 that the first Manipuri feature film, Matamgi Manipur, directed by Deb Kumar Bose was released. Every year, the 9th of April is observed as Mami Numit, implying the birth of Manipuri Cinema.
The five decades of Manipuri Cinema have been amazingly ingenious and courageous, considering the resource crunch, and absence of investment in evolving technology and outreach model to deal with audiences. Despite nearly non-negotiable challenges, Indie films of Manipur have been spearheading their fierce spirit of independence and aesthetic ascendancy.

मणिपुरी सिनेमा हाल ही में 2 अप्रैल, 2022 को अपना प्रभावशाली 50 सालों का सफर पूरा किया। यह वही तारीख है जब 1972 को पहली मणिपुरी फीचर फिल्म, माताम्गी मणिपुर, जिसे देब कुमार बोस ने निर्देशित किया था, वह रिलीज हुई थी। हर साल इस दिन को मामी नुमित यानि मणिपुर सिनेमा के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। मणिपुरी सिनेमा के यह पांच दशकों का सफर बेहद साहसपूर्ण, सरल और उल्लेखनीय रहा, संसाधनों की कमी, विकसित होती तकनीक पर निवेश का अभाव, और तमाम तरह की चुनौतियों के बावजूद मणिपुर की फिल्में अपने प्रभावशाली कलात्मकता और जोश के साथ लगातार आगे बढ़ रही है। मणिपुर की पथप्रदर्शक शख्सियत जैसे एस.एन. चांद, अरीबाम श्याम शर्मा, जी. नारायण शर्मा, वांगखेम बसंता, मोइरंगथेम नीलामणि सिंह, एमए सिंह, आरके बिदुर, लाईमायुम सुरजाकांता, ओकेन अमाक्चम, चांद हिसनम, मखोनमनी मोंगसाबा, निंगथौजा लांचा और कई अन्य लोगों ने फिल्म बनाने के लिए कड़ी मेहनत की और इस प्रक्रिया में उन्होंने लोकप्रिय फिल्मों के समृद्ध भंडार की संरचना की जो मणिपुरी सिनेमा की संपत्ति हैं। मणिपुर के कई फिल्म निर्माताओं ने भारतीय सिनेमा में मणिपुर की जगह स्थापित करते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में ख्याति अर्जित की है।

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